You are currently viewing Kisan Agriculture Machinery : खेती में उपयोग होने वाले यंत्रों के बारे में जानें

Kisan Agriculture Machinery : खेती में उपयोग होने वाले यंत्रों के बारे में जानें

Agricultural Machinery : आज के समय में बिना कृषि यंत्रों के कल्पना भी नहीं की जा सकती | Kisanguide.com की इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको खेती में उपयोग होने वाला यंत्र के बारे में जानकारी देंगे।

 खेती में उपयोग होने वाले यंत्रों की जानकारी इस प्रकार

1.टैक्टर (Tractor) : इस यंत्र के द्वारा खेत की जुताई, बुवाई, सिंचाई, फसलों कि कटाई, डुलाई इत्यादि कार्य किए जाते हैं। इसके अलावा इसमें अन्य उपकरणों को जोड़ा जा सकता हैं जैसे:- काल्टीवेटर, थ्रेसर, रोटावेयर, जीरो टील शीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल आदि को जोड़ा जा सकता हैं।

2. रोटावेटर ( रोटरी टीलर ) (Rotavator): शुरुवात में जुताई के लिए अच्छा यंत्र है। खेत में लगे अवशेषों को छोटे-छोटे में काटकर कर जमीन में दबा देता है। तथा मिट्टी को भुरभुरी बनाने में अधिक सहायक है।

3. पॉवर टिलर (Power Tiller) : पॉवर टिलर बैल चालित यन्त्र हैं। जो छोटे जोत वाले किसानों के लिए अधिक सहायक है। बुवाई से लेकर जुताई, कटाई और फसलों की डुलाई तक का काम करता है।

4. डिबलर (Dibbler) : यह बीज बुवाई यंत्र हैं। सब्जी एवं मक्के कि खेती (Makka Ki Kheti) एवं मिट्टी द्वारा डंकने का कार्य में भी इसका उपयोग जाता हैं।

5. हैप्पी सीटर (Happy Sitter) : यह यंत्र धान कटने के बाद गेहूं की बुवाई में काम आता है। इस मशीन में जीरोटील कम फर्टिलाइजर ड्रिल के सभी गुण हैं।

6. जीरो टील सीड-कम फर्टिलाइजर ड्रिल मशीन (Zero Teal Seed-cum Fertilizer Drill Machine) : यह यंत्र आम सीड ड्रिल से मिलता जुलता है। इससे धान की कटाई के बाद बिना खेत जुताई के गेंहू की बुवाई का काम किया जाता हैं।

7. पवार वीडर (Pawar Weeder) : सभी तरह की फसलों तथा बागानों, गन्ने, पहाड़ी क्षेत्रों मे लगे अन्य फसलों आदि में जो पंक्ति में लगाई जाती है, उसमे उगे खरपतवार को निकालने के लिए सबसे उपयोगी यन्त्र है।

8. टैक्टर के साथ चलने वाला मिट्टी पलट हल (Tractor Driven Mud Plow) : मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाएं रखने के लिए यह आवश्यक है कि इसे पलटा जाए, मिट्टी को पलटने और खरपतवारो को नीचे दबाने के लिए मिट्टी पलट हल बहुत उपयोगी है।

English Summary: Learn about the machinery used in farming

Leave a Reply