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Ajola Farming: अजोला की उन्नत खेती कैसे होती है जानें टिप्स !

Ajola Farming | Ajola Farming Tips In Hindi| Ajola Ki Kheti| 

Ajola: अजोला एक प्रकार का जलीय फर्न है, जो पानी की सतह पर तेजी से बढ़ता है।  इसकी खेती हरी खाद के रूप में की जाती है।  कभी-कभी यह खेत में अपने आप प्राकृतिक रूप से विकसित हो जाता है।  यह हरी खाद भूमि की उर्वरता बढ़ाने में मदद करती है, और उत्पादन में अप्रत्याशित वृद्धि होती है।  नील हरित शैवाल अजोला की सतह पर सहजीवी रूप से रहते हैं, जिसे अनाबेना एजोली के नाम से जाना जाता है।  कार्बन स्रोत और पर्यावरण अजोला शैवाल को वृद्धि प्रदान करते हैं, जिसके कारण अजोला एक विशेष पौधे के रूप में विकसित होता है। इसमें उच्च मात्रा में प्रोटीन होता है।  अजोला प्राकृतिक रूप से उष्ण कटिबंधीय और उष्ण कटिबंधीय स्थानों में पाया जाता है।  जो दिखने में बिल्कुल शैवाल की तरह होता है।  अगर आप भी अजोला का उत्पादन करना चाहते हैं तो इस लेख में हम आपको अजोला की खेती कैसे करें और अजोला की कीमत के बारे में बता रहे हैं।

Learn tips how to do advanced cultivation of Azolla
Ajola Farming Tips In Hindi

इस प्रकार Ajola Ki Kheti करे

  • इसकी खेती छायादार स्थान पर 60X10X2 आकार वाली क्यारियाँ बनाकर की जाती है।
  • अजोला की अच्छी वृद्धि के लिए 20 से 35 डिग्री का तापमान उपयुक्त होता है। 
  • क्यारी में 80-100 किलो साफ उपजाऊ मिट्टी की परत को बिछानाचाहिए।
  • क्यारी में 10 से 15 लीटर पानी और 5-7 किलो पुराने गोबर को मिलाकर घोल तैयार करें।
  • क्यारी में 400-500 लीटर पानी डालें, पानी की गहराई 10 से 15 सेमी तक रखें।
  • इसके बाद 2 किलो ताजे अजोला को मिश्रण के ऊपर फैला दिया जाता है तथा 10 लीटर पानी का छिड़काव अजोला के ऊपर करना होता है। इससे अजोला अपनी सामान्य स्थिति में आ जाता है। 
  • क्यारियों को नायलोन की जाली से ढककर 15 से 20 दिन के लिए छोड़ दिया जाता है।
  • इसके बाद 21 वें दिन 15 से 20 किलो अजोला का उत्पादन रोजाना प्राप्त किया जा सकता है।
  • अजोला का प्रतिदिन उत्पादन प्राप्त करने के लिए 50 किलो गोबर और 20 ग्राम सुपरफास्फेट के घोल का छिड़काव क्यारियों में प्रतिमाह करना होता है।
  • 3 महीने के अंतराल में क्यारियों से मिट्टी व पानी को बदल कर नई क्यारी में दोबारा तैयार करें।
  • शीत ऋतु की जलवायु में 60 सेंटीग्रेट से कम तापमान होने पर क्यारियों को रात के समय पुरानी बोरी के टाट व चादर से ढक दें।
  • अजोला किसी फसल के लिए हरी और जैविक खाद के रूप में कार्य करता है।
  • अजोला को पशुओं के चारे के लिए प्रयोग किया जाता है।
  • भेड़, बकरी व पशुओं को अजोला खिलाने से उनकी शारीरिक वृद्धि होती है तथा दुग्ध उत्पादन भी बढ़ता है।

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English Summary: Learn tips how to do advanced cultivation of Azolla

Published Date: 1 September 2022

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मैं नवराज बरुआ, में मुख्य रूप से इंदौर मध्यप्रदेश का निवासी हुं। और में Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मंडी मार्केट (Kisanguide.com) मूल रूप से मार्केट में चल रही ट्रेंडिंग खबरों को ठीक से समझाने और पाठकों को मंडी ख़बर, खेती किसानी की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।
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